08 January 2006

शब्द प्राणायाम - 86 - 90

86- बढ़ावा


भ्रष्ट,
राजनीति और नेता
देश को
किस तरफ ले जा रहे हैं,
बच्चे की तरह दूध
आतंकवाद को
पिला रहे हैं !


















*******


87- आशा


उन घरों में भी
कभी मौज मस्ती होगी
जिस दिन
आदमी की नहीं
शराब की,
मौत होगी !



















*******



88- दुर्लभ प्रजाति


देश में,
बिजली का टोटा
क्या हो गया,
आज
विलुप्त एवं दुर्लभ प्रजाति
कीड़ा,
बिजली का हो गया है !




















********


89- शर्म


हल्ला,
पानी बचाओ.....बचाओ का
उस तक भी
पहुँच गया,
बेचारा
बिना टोंटी का नल भी
बंद हो गया !



















*********


90- परख


कसौटी पर
परखने का रिवाज़
आदमी ने निकाला है,
आज तक,
आदमी-आदमी को
नहीं समझ पाया है !




















-रमेशकुमार भद्रावले

*******

2 comments:

rajiv Goel said...

आशा
पप्पू आज
भरपेट खायेगा
जो बापू उसका
पी के नहीं आएगा
............राजीव गोयल

rajiv Goel said...

आशा
पप्पू आज
भरपेट खायेगा
जो बापू उसका
पी के नहीं आएगा
............राजीव गोयल